सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

यंत्र शक्ति पुस्तक pdf बिल्कुल फ्री

नमस्कार मित्रों इस पोस्ट में हम आप सभी लोगों को यंत्र शक्ति नामक पुस्तक उपलब्ध करवा रहे हैं जो कि देहाती पुस्तक भंडार के द्वारा प्रकाशित की गई है। यह पुस्तक यंत्रों से संबंधित एक बहुत ही अच्छी पुस्तक है इसमें आपको यंत्रों से संबंधित कई प्रकार की जानकारी देखने को मिलेगी और इसमें कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारियां भी देखने को मिलेंगी जैसे कि  यंत्रों का निर्माण किस प्रकार से किया जाता है यंत्रों के निर्माण में क्या चीज सबसे ज्यादा जरूरी होती है किस किस चीज का उपयोग यंत्र के लिए जरूरी होता है यंत्र सिद्धि में किन मंत्रों का प्रयोग किया जाता है और किसके साधना में किस किस यंत्र की जरूरत होती है। तथा किस प्रकार से यंत्र अपना कार्य करते हैं और फल प्रदान करते हैं। और भी अली जानकारी आपको इस पुस्तक में देखने को मिलेगी। देखी यंत्रों का साधना में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान होता है जिस प्रकार से मंत्र के बिना साधना नहीं होती है उसी प्रकार से यंत्र के बिना भी सिद्धि प्राप्त करना संभव नहीं है। यंत्र हमारे मंत्रों के उर्जा को नियंत्रित करते हैं संग्रहित करते हैं और उ...

गुरु गोरखनाथ के दुर्बल शाबर मंत्र PDF पुस्तक

गुरु गोरखनाथ के दुर्बल शाबर मंत्र PDF पुस्तक नमस्कार मित्रों इस पोस्ट में हम आप सभी लोगों को साबर मंत्रों के एक बहुत ही अच्छे पस्तक उपलब्ध करवाने वाले हैं इस पुस्तक का नाम गुरु गोरखनाथ के दुर्बल शाबर मंत्र है इस पोस्ट में आपको भगवान गुरु गोरखनाथ से संबंधित कई सारे प्रश्न उनसे संबंधित और कई सारी साधनाएं मंत्र और उनके जीवन परिचय के बारे में देखने को मिलेगा तंत्र के भी कुछ महत्वपूर्ण सिद्धांतों के बारे में आपको इस पुस्तक में जानने को मिलेगा और बहुत सारी जानकारी आपको उसमें मिलेगी जो कि नीचे बता दी गई है।   यह पुस्तक हमारे चैनल के सदस्य बादशाह गेमिंग जी ने उपलब्ध करवाई है और अगर आप में से भी कोई सदस्य इसी तरीके से कोई पुस्तक उपलब्ध करवाना चाहता है सभी लोगों के लिए तो उपलब्ध करवा सकता है आप हमारे ईमेल से हम से संपर्क कर सकते हैं और अगर कोई अन्य परेशानी हो तो भी आप हमसे संपर्क करके बता सकते हैं आपकी जो भी परेशानी होगी उसका जरूर समाधान करेंगे।   देखिए आप सभी से एक निवेदन है पुस्तक में आपको कुछ ऐसे मंत्र भी देखने को मिलेंगे। जिनका गलत प्रयोग किया जा सकता है लेकिन आप से निवेदन है कि आ...

ध्यान और कुंडलिनी की महाशक्ति

ध्यान क्या है ?  किसी भी मनुष्य का सभी बाहरी कार्यों से विरक्त होकर किसी एक कार्य में लीन हो जाना ही ध्यान है। आशय यह है कि किसी एक कार्य में किसी का इतना लिप्त होना कि उसे समय,मौसम,एवं अनय शारीरिक जरूरतों का बोध न रहे इसे ही ध्यान कहते हैं।  यह एक सामान्य परिभाषा है जो कि एक सामान्य जनमानस के द्वारा दी गई है। इस परिभाषा की गहराइयों को आज तक कोई नहीं समझ सका , लेकिन आज इस पोस्ट में हम आप सभी को इस परिभाषा की गहराइयों को ध्यान की गहराइयों को समझाने का प्रयास करेंगे। ध्यान जीवन है इस का समय के साथ कोई संबध नही होता है ये समय से परे है और यही जीवन है ध्यान का मतलब है अपने में स्थिर होना और अपनी चेतना के साथ जीना जो समय से परे है असल में समय का बोध न होना ही ध्यान है। ध्यान की परिभाषा क्या है ? ध्यान के विषय में बहुत कुछ लिखा गया और कहा भी जाता है परन्तु किसी की पकड़ में नहीं आता। इस का कारण यह है कि ध्यान ईश्वर की तरह अनुभूति की चीज है। यह तर्क-विर्तकया अध्यन की चीज नहीं है| ध्यान पकड़ में अनुभव एवं अभ्याससे ही आएगा। मन ही मनुष्य के मोक्ष तथा बँधन का कारण है। ...

मातंगी साधना जीवन के सबसे श्रेष्ठ साधना। matangi sadhana and puja vidhi.

नमस्कार मित्रों इस पोस्ट मित्रों  हमारे चैनल के सदस्य सौरव साहू जी के कहने पर आप सभी को माता मातंगी की साधना विधि उपलब्ध करवा रहा हूं संपूर्ण जानकारी विस्तार से मैंने आपको प्रदान किया आप संपूर्ण जानकारी को पड़ेगा अगर आप अधूरी जानकारी पढ़ कर चले जाएंगे तो बाद में आपको परेशानी होगी इसलिए संपूर्ण जानकारी को पूरे ध्यान से आप पड़ेगा और इसी तरीके से और भी आजाद से जुड़ी हुई चीजें प्राप्त करने के लिए आप हमें फॉलो कर लीजिए अगर आप हमें फॉलो करेंगे तो आप को हमारे द्वारा प्रदान की गई सारी जो पोस्ट होंगी और समय पर मिल पाएंगे इसलिए आप फॉलो जरूर कीजिएगा और अगर आपका कोई पर्सनल आप नीचे कमेंट कर दीजिएगा और सारी जानकारी को ध्यान से पड़ेगा। माता मातंगी कौन है मतंग शिव का नाम है। इनकी शक्ति मातंगी है। यह हरा वर्ण और चन्द्रमा को मस्तक पर धारण करती हैं। यह पूर्णतया वाग्देवी की ही पूर्ति हैं। चार भुजाओं में इन्होंने कपाल(जिसके ऊपर तोता बैठा), वीणा,खड्ग वेद धारण किया है। मां मातंगी तांत्रिकों की सरस्वती हैं। पलास और मल्लिका पुष्पों एवं युक्त बेलपत्रों के द्वारा पूजा करने से व्यक्ति के अंद...

मुण्डमाला तन्त्रम | Mundamala Tantram Pdf

   Mundamala Tantram Pdf 'एक प्रमाणिक तंत्र ग्रन्थ हैं।'मुण्डमालातस्त्र' में प्रथम बाद में रसिक मोह को प्रकाशित किया । इसमें प्रथम पटल से घष्ठ पटल में वचनों को अनेक स्थानों पर प्रमाण-रूप में ग्रहण किया गया हैं दशम पटल 'मुण्डमालातन्त्र के किसी वंचनों को प्रमाण-रूप में ग्रहण नहीं किया गया है । ऐसा प्रतीत होता है कि ये दोनों “मुण्डमालातन्तर' प्रकृत अन्य हैं । भगवान्‌ शंकर के पाँच मुण्डों से यह तंत्र प्रकाशित हुआ था । एक मुण्ड के द्वारा जो-जो विषय कहें गयें हैं । दुसरे मुण्ड के द्वारा वह नहीं कहा गया । इस प्रकार पाँच मुण्डो के द्वार पृथक्‌-पृथक्‌ विषय प्रकाशित किये गये हैं । ऐसा प्रतीत होता है कि पहला ग्रन्थ एक मुण्ड के द्वारा कथित हुआ हैं । घष्ठ पटलान्तें 'मुण्डमालातंत्र' के पहले पटल में दश महाविद्यां का नाम एवं विद्या की प्रशंसा का वर्णन किया गया हैं । द्वितीय पटल में अक्षमाला के प्रकार भेद , अक्षमाला का निर्माण एवं संस्कार-पद्धति वर्णित हुई ई हैं । तृतीय पटल में जप एवं पूजा स्थल, प्रशस्त आसन एवं निन्दित आसन तथा चतुर्थ पटल में बलि के भेद, बलिदान की विधि एवं फ...

राम चरित्रमानस के पाठ करने से प्राप्त होने वाले लाभ ।(Shree Ram Priwar)SRP

नमस्कार मित्रों  श्री राम परिवार (Shree Ram Pariwar) में आपका हार्दिक स्वागत करता है। आज की पोस्ट में हम आप सभी लोगों को राम चरित्रमानस के पाठ करने से प्राप्त होने वाले लाभ और साथ ही रामचरित्र मानस की पीडीएफ पुस्तकें भी उपलब्ध करवाएंगे। जिससे कि आप अपने मोबाइल में कहीं पर भी यात्रा के दौरान किसी भी स्थान पर जो है अपने साथ ले जा सकते हो और इसका पाठ कर सकते हो। राम चरित्रमानस के पाठ क्यों करे? ramcharitmanas ke labh रामचरितमानस का पाठ करने से बहुत ही चमत्कारी लाभ आपको देखने को मिलते हैं। श्रीरामचरितमानस के कई एक चमत्कार हैं  राम चरित्र मानस का पाठ जिस भी घर में किया जाता है। उस घर में अकाल मृत्यु नहीं होती है।  जिस घर में रामचरितमानस रखी होती है। वहां कभी भूत, पिशाच, प्रेतों का वास नहीं होता है।   जिस घर में रामायण के पास शाम के समय देशी घी का दीपक जलाया जाता है। उस घर में अन्न की कमी कभी नहीं होती है। जिस घर में रामचरितमानस के पास सुबह शाम गौ माता के घी का दीपक प्रतिदिन जलाया जाता है। उस घर में आरोग्य बढ़ता है। बीमारियां कम होती हैं।  जिस घर में यदि रामचरितमा...

shiv puran se sambandhit sari jankari. - Shreerampriwar SRP

शिव पुराण से सम्बंधित सारी जानकारी शिव पुराण में शिव के कल्याणकारी स्वरूप का तात्त्विक विवेचन, रहस्य, महिमा और उपासना का विस्तृत वर्णन है।  यह संस्कृत भाषा में लिखी गई है। इसमें इन्हें पंचदेवों में प्रधान अनादि सिद्ध परमेश्वर के रूप में स्वीकार किया गया है। शिव-महिमा, लीला-कथाओं के अतिरिक्त इसमें पूजा-पद्धति, अनेक ज्ञानप्रद आख्यान और शिक्षाप्रद कथाओं का सुन्दर संयोजन है।  इसमें भगवान शिव के भव्यतम व्यक्तित्व का गुणगान किया गया है। शिव- जो स्वयंभू हैं, शाश्वत हैं, सर्वोच्च सत्ता है, विश्व चेतना हैं और ब्रह्माण्डीय अस्तित्व के आधार हैं। सभी पुराणों में शिव पुराण को सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण होने का दर्जा प्राप्त है। इसमें भगवान शिव के विविध रूपों, अवतारों, ज्योतिर्लिंगों, भक्तों और भक्ति का विशद् वर्णन किया गया है। 'शिव पुराण' का सम्बन्ध शैव मत से है। इस पुराण में प्रमुख रूप से शिव-भक्ति और शिव-महिमा का प्रचार-प्रसार किया गया है। प्राय: सभी पुराणों में शिव को त्याग, तपस्या, वात्सल्य तथा करुणा की मूर्ति बताया गया है। कहा गया है कि शिव सहज ही प्रसन्न हो जाने वाले एवं मनोव...