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होली के प्रयोग

नमस्कार होली का पावन पर्व आने वाला है और होली के ऊपर कई सारी प्रयोग किए जाते हैं हम भी आपको कुछ उपाय प्रदान कर रहे हैं जिनको करके आप अपनी परेशानियों को दूर कर सकते हो अपने व्यापार या जीवन में आ रही दिक्कतों से निजात पा सकते हो। 



राहु के 2 विशेष उपाय 



एक नारियल का गोला लेकर उसको ऊपर से काटकर उसमें अलसी का तेल भरें। उसी में थोडा सा गुड डाले। फिर उस नारियल के गोले को अपने शरीर के अंगों से स्पर्श कराकर जलती हुई होलिका में डाल दे। आगामी पूरे वर्ष भर राहू परेशान नहीं करेगा।


अलसी के तेल में सेब फल को भिगोकर उसमें राहु ग्रस्त व्यक्ति अपनी उम्र/आयु अनुसार उतने ही लॉन्ग लगायें। फिर उस सेब को हाथ में लेकर जलती हुई होली की चार परिक्रमा लगाएं और इष्ट देवता का नाम स्मरण करते हुए.राहू मुक्ति की प्रार्थना करते हुए उसी जलती हुई होली में डाल दे।


अन्य उपाय 


होली की पूजा मुखयतः भगवान विष्णु (नरसिंह अवतार) की कृपा प्राप्त करने, ढोंढा नामक राक्षसी का नाश करने, काम का दहन करने के उद्देश्य से की जाती है । 


घर के प्रत्येक सदस्य को होलिका दहन में देशी घी में भिगोई हुई दो लौंग, एक बताशा और एक पान का पत्ता अवश्य चढ़ाना चाहिए। पुराणों के अनुसार बिजौरा, धान का लावा, नींबू के फल तथा घी मिश्रित दूध डालना चाहिए।  


होलिका भस्म का वंदन करें जिससे हमारे सारे दुःख दूर होते हैं। 


होलिका दहन के पश्चात गिलोय की टहनी का रस निकालकर 100 ग्राम रस में 30 ग्राम शहद मिलाकर हवन में उपस्थित लोगों को पान कराना जिससे वर्ष पर बुखार और दूसरी व्याधि ना हो। 


भविष्यपुराण और नारदपुराण के अनुसार होलिका में रक्षोघ्र मन्त्रों से अग्नि लगानी चाहिए और जलती हुई होली की तीन परिक्रमा प्रसन्नतापूर्वक करनी चाहिए। 


होली पर पूरे दिन अपनी जेब में काले कपड़े में बांधकर काले तिल रखें। रात को जलती होली में उन्हें डाल दें। यदि पहले से ही कोई टोटका होगा तो वह भी खत्म हो जाएगा।


होली दहन के दूसरे दिन होली की राख को घर लाकर उसमें थोडी सी राई व नमक मिलाकर रख लें। इस प्रयोग से भूतप्रेत या नजर दोष से मुक्ति मिलती है।


होली के दिन से शुरु होकर बजरंग बाण का 40 दिन तक नियमित पाठ करनें से हर मनोकामना पूर्ण होगी।


होली वाले दिन किसी गरीब को भोजन अवश्य करायें।


होली की रात्रि को सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाकर पूजा करें व भगवान से सुख - समृद्धि की प्रार्थना करें। इस प्रयोग से बाधा निवारण होता है।


होली के दिन प्रातः उठते ही किसी ऐसे व्यक्ति से कोई वस्तु न लें, जिससे आप द्वेष रखते हों। सिर ढक कर रखें। किसी को भी अपना पहना वस्त्र या रुमाल नहीं दें। इसके अतिरिक्त इस दिन शत्रु या विरोधी से पान, इलायची, लौंग आदि न लें। ये सारे उपाय सावधानीपूर्वक करें, दुर्घटना से बचाव होगा। आत्मरक्षा हेतु किसी को कष्ट न पहुंचाएं, किसी का बुरा न करें और न सोचें। आपकी रक्षा होगी। 


होली के दिन होलिका-पूजन के उपरान्त “विष्णु-सहस्त्रनाम” तथा “नारायण-कवच” के तीन पाठ करें व मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करें।


बरकत न हो, तो होली के दिन हनुमानजी के किसी सिद्ध-प्राचीन मन्दिर में ७ बताश, १ जनेऊ, १ पान अर्पित करें। उसके बाद तीन मंगलवार लगातार चढ़ाएं।


व्यवसाय में निरन्तर घाटा हो रहा हो, तो चाँदी का ठोस हाथी (वजन सामर्थ्य अनुसार) का होली के दिन घर रखें



ये उपाय प्रत्येक राशि के लोग बिना किसी संदेह के कर सकते हैं।

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