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Phala Dipika(फलदीपिका) book pdf


जानकारी
पुस्तक का नाम Phala Dipika pdf
साइज 876.7 Mb
प्रदानकर्ता श्र राम परिवार
लेखक
Gopesha Kumar Ojha
प्रष्ठ 677
प्रकाशन Motilal Banarasidas Varanasi
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फलदीपिका, मन्त्रेश्वर द्वार रचित भारतीय ज्योतिष का एक प्रमुख ग्रन्थ है। यह संस्कृत में है जिसमें २८ अध्याय तथा कुल ८६५ श्लोक हैं। इसमें मानव जीवन के प्रत्येक पहलू के ज्योतिषीय पक्ष पर विचार किया गया है।

अपने मूल रूप में यह ग्रन्थ ग्रन्थ नामक प्राचीन भारतीय लिपि में ही उपलब्ध था और दक्षिण भारत में ही प्रचलित और प्रचारित था। १९२५ के आसपास यह ग्रन्थ सर्वप्रथम नागरी लिपि में कलकाता से प्रकाशित हुआ। फिर तमिल, तेलगु आदि दक्षिण भारतीय भाषाओं में इसके अनुवाद उपलब्ध हुए।

इस ग्रन्थ के कतिपय श्लोक वैद्यनाथ कृत जातकपारिजात से यथावत उद्धृत हैं। जातकपारिजात के रचयिता वेङ्कटाद्रि के पुत्र श्री वैद्यनाथ का जीवनकाल 14वीं शताब्दी में था।

इस ग्रन्थ में जातक विषयों पर एक नये दृष्टिकोण का साक्षात्कार होता है जो अन्य ग्रन्थों से थोड़ा भिन्न है।

इस पुस्तक में आपको ज्योतिष से संबंधित बहुत सारी जानकारी देखने को मिलेगी। और जो पूरी जानकारी दी गई है वो पूरे विस्तार से है।

आप इस पुस्तक को नीचे डाउनलोड बटन पर क्लिक करके प्राप्त कर सकते हैं। पासवर्ड भी आपको, पासवर्ड बटन पर क्लिक कर के पासवर्ड मिल जाएंगे जिससे आपको किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। अगर आपको कोई परेशानी आए तो आप नीचे कमेंट करके बता दीजिएगा।

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