सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

हनुमान जी की चमत्कारिक सर्व कार्य सिद्धि साधना

नमस्कार मित्रों
 इस पोस्ट में हमने आप सभी लोगों को हनुमान जी की एक चमत्कारिक साधना सर्व कार्य सिद्धि साधन उपलब्ध करवाई है
 यह साधना हमारे चैनल के एक सदस्य रोमिन राज जी के द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। और उन्हीं के शब्दों में यह साधना आप सभी को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। अगर साधना में कोई भी चीज समझ में नहीं आए तो आप हमें कमेंट कर दीजिएगा। आपको जो भी चीज समझ में नहीं आई होगी उसको हम विस्तार से बता देंगे।

 आप पूरी जानकारी को पूरे ध्यान से पढ़ना जिससे कि बाद में साधना के दौरान आपसे कोई भी गलती ना हो और अगर आप में स भी कोई सदस्य इसी तरीके से कोई साधना उपलब्ध करवाना चाहता है तो जरूर उपलब्ध करवा सकता है।


सभी को नमस्कार,
                         नमस्कार गुरुजी....मैं रोमिन राज बजराचार्य एक बार फिर से एक नई साधना लेकर आया हूं। गुरुजी को और "श्री राम परिवार" चैनल देखने वाले सभी दर्शनों को मेरा प्रणाम। मैं विराटनगर शहर नेपाल से हूं .आज मैं फिर से एक मंत्र भेज रहा हूं..... और गुरुजी आज का जो पोस्ट है वो बहुत ही अच्छा है क्योंकि आज मैं जो हनुमान मंत्र शेयर करने जा रहा हूं वो बहुत ही सरल है और कोई भी इस मंत्र साधना को आसान से और आराम से कर सकता है। ई भगवान हनुमान का ये मंत्र एक सरल मंत्र तो है लेकिन बहुत ही शक्तिशाली मंत्र भी है। इस को हर उमर का व्यक्ति आसन से कर सकता है और अपनी कोई भी इच्छा को पूर्ण कर शक्ति है और आपको हर है। एक सत्यंत सरल और हनीरहित मंत्र है और इसमे किसी भी प्रकर का डर या खतरा नहीं है। हम सब जाते ही हैं जी हनुमानजी को सबी 33 कोटि देवी देवतावों का बर्दान प्रप है और ये अतुलित बलशाली, अमर पराक्रमी। इसिलिए इनके बारे में ज्‍यादा परिचय देने ही और उनकी असर से सारे इच्‍छाएं पूरी हो जाती हैं और हर प्रकर का सुख भी मिला है। ये जो मंत्र आज मैं शेयर करने जा रहा हूं इंटरनेट पर... से देखा है लेकिन इंटरनेट पर ठीक तरह से इस मंत्र की संपूर्ण विधि नहीं दी गई है....सिर्फ शॉर्टकट में बताया गया है....और थोड़ा थोड़ा ही बताया गया है...इसिलिए मैंने सब की समय को देखते हैं हुए और इसी बात को लक्ष्य बनते हुए ये मंत्र शारो ई किया है....और इस मंत्र साधना की खास बात ये है की अगर कोई इस मंत्र को मेरे द्वारा बताए गए साधना विधि से करता है तो निश्चय रूप से उसकी इच्छा भी पूर्ण होती है और वो जिस कार्य की है सिद्धि। ...वो कार्य भी सिद्ध हो जाता है और अगर कोई भी इच्छा हो फिर बहुत लंबे समय कोई काम नहीं हो रहा हो और उस बिशेह काम में सफल नहीं मिल रहा हो तो 1008% गारंटी से साथ वह मंत्र है साधना हो जाता है और सबसे बड़ी बात और फैदे की बात ये है कि इस मंत्र की सिद्धि भी हो जाती है और साधक को इस मंत्र की सिद्धि भी प्रप हो जाती है। के बारे में आप सब को बताता हूं।इस मंत्र की विधि कुछ इस प्रकार है:-

1) साधक इस साधना को किसी भी शुक्ल पक्ष की मंगलवार यानिकि शुक्ल पक्ष के मंगलवार से सुरु कर सकता है।

2) साधक को लाल कपड़े यानिकि लाल कपड़े पहनना है।

3) साधक को लाल आसन या फिर कुश के आसन पर बैठना है।

4)इस साधना में साधक को उत्तर दिशा यानिकि उत्तर की तरफ मुख करके बैठना है। माता के ध्यान में लेने होते हैं...वैसा फोटो रखना है और अगर ये फोटो नहीं मिलता है तो हनुमानजी का अभय मुद्रा वाला फोटो भी साधक अपने सामने रख सकता है यानिकी जिस फोटो में हनुमानजी समान है और मैं हूं हमें आशीर्वाद दे रहे हैं....वैसा फोटो भी रख जा सकता है। और अगर साधक के पास एक संस्कृत यानिकि प्राण प्रतिष्ठात हनुमान यंत्र है तो वो भी साधक एक स्टील की थाली में रख कर अपने सामने है।

5) साधना सुरु करने से पहले साधक को एक माला गुरु मंत्र, एक माला गणेश मंत्र और एक माला किसी भी राम मंत्र का जाप करना है और उसके बाद ही हनुमानजी के इस मूल मंत्र का जाप करना है। साधक को इस साधना में तिल तेल का दिया जलाना है।गुरु पूजन, गणेश पूजन, राम भगवान की पूजा और भगवान हनुमान की पूजा करते समय साधक को कुछ अगरबत्ती जलाना है और कुछ फूल हनुमानजी को अर्पित करना है और फल और मिठाई का भोग भी। साधक चाहे तो हनुमानजी को प्रसन्ना करने के लिए हनुमान चालीसा या राम रक्षा स्तोत्र का पाठ भी कर सकता है।इस मंत्र साधना को साधना के रूप में भी किया जा सकता है और मंत्र प्रयोग के रूप में भी किया है।

6)मंत्र का जाप एक संस्कारित रुद्राक्ष की माला से करना है और 40 माला रोज जाप करना है।

7) साधक को इस साधना को लगता है 40 दिन तक करना है। यानिकि साधक को 40 माला 40 दिन तक करना है और 40 माला 40 दिन तक करते समय साधक को कुछ नियम का पालन भी करना है। और साधक को और मास, शरब सिगरेट और हर प्रकर के नशा से इन 40 दिनों तक दूर रहना है। और 40 दिन तक साधक को ब्रह्मचर्य का पालन भी करना है।

8)साधना ख़तम होने के बाद हनुमानजी निश्चय रूप से साधक को आशीर्वाद देते हैं और साधक की जो भी इच्छा हो वो पूर्णा हो जाती है फिर जिस कार्य की सिद्धि में जिस काम की सिद्धि के लिए... .वो कार्य भी सिद्ध हो जाता है और ये मंत्र भी सिद्ध हो जाता है। इस साधना का मंत्र कुछ इस प्रकार है:-

मन्त्र:-ॐ हनुमते नम:

   ओके गुरुजी, तो ये पोस्ट यहां पर खतम होता है। हनुमानजी का आशीर्वाद सबको मिले....धन्यबाद...जय श्री राम....जय महावीर हनुमान 


आपको साधना की पूरी जानकारी विस्तार से प्रदान कर दी गई है अगर आपको साधना के अंदर कोई चीज समझ में नहीं आई हो तो आप नीचे कमेंट कर दीजिएगा और नीचे कमेंट करिए जरूर बताइएगा क्या आपको साधना कैसी लगी।


👁 ध्यान देंः
तो मित्रौ हमें उम्मीद है, कि आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी। और यदि पोस्ट पसंद आई है, तो इसे अपने दोस्तों में शेयर करें ताकि आपके दोस्तों को भी इस पोस्ट के बारे में पता चल सके। और नीचे कमेंट करें, कि आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी। यदि आपका कोई प्रश्न है, तो नीचे 👇 Comment बॉक्स में हमें बताएं।

यह भी पढ़ेंः धरती में गड़ा धन पाने का सबसे सरल और 100% कारगर उपाय।। "
" शाबर मंत्र सागर भाग-२ पुस्तक PDF Download;"
कृपया हमारे चैनल को सब्सक्राइब करके 👉

आप हमसे हमारे फेसबुक ग्रुप और टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ सकते हैं। और हमारे ब्लॉग से जुड़ कर भी हमें सहयोग प्रदान कर सकते हो।

फेसबुक ग्रुप - https://www.facebook.com/groups/715119132723959

टेलीग्राम ग्रप - https://t.me/shreerampriwar

हमरा चैनल - https://www.youtube.com/c/ShreeRamPriwar

अगर आपको हमारा कार्य अच्छा लग रहा है तो हमें सहयोग प्रदान करें और जो भी वीडियो देखे उसे कृपा करके पूरा देखें।

अगर अभी तक आपने हमारे चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया तो कृपया करके सब्सक्राइब करें।
आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
🌹🏵️ ।।जय मां भवानी।।



#शाबर_मंत्र_सागर #मंत्र_पुस्तक #मंत्र #साधना_पुस्तके #साधना_विधि #मंत्र_साधना
#जय_श्री_राम #Shree_Ram_Privar #ShreeRamPrivar #shreeramprivar

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

शाबर मंत्र सागर भाग-२ पुस्तक PDF Download

    दो शब्द बनुश्रुति हैं कि कलिकाल के पारम्भ में भूतभावन भगवान शंकर ने प्राचीन ' मंत्र, तंत्र, शास्त्र के सभी मंत्रों तथा तंत्रो को रस दृष्टि से कील दिया कि कलियुग के अविचारी मनुष्य उनका दुरुपयोग न करने लगें ।  महामंत्र गायत्री भी विभिन्न ऋषियों द्वारा शाप ग्रस्त हुआ तथा उसके लिए भी उत्कीलन की विधि स्वीकृत की गयी। अन्य मंत्रों तथा तंत्रो के लिए भी उत्कीलन की विधियाँ निर्धारित की गई हैं । जब तक उन विधियों का प्रयोग नहीं किया जाता, तब तक कोई भी मंत्र प्रभावकारी नहीं होता । शास्त्रीय-मन्त्रों की उप्कीलन विधियों का वर्णन मन्त्र शास्त्रीय ग्रन्थों में पाया जाता हैं उनका ज्ञान संस्कृत भाषा के जानकार हो प्राप्त कर पातेते हैं।  शास्त्रीय-मन्त्रों के कीलित हो जाने पर लोक-हिर्तयी सिद्ध-पुरुषों ने जन-कल्याणा्थ समय-समय पर लोक-भाषा के मंत्रों की रचना की । इन मन्त्रों को ही "शाबर मंत्र" कहा जाता हैं । "शाबर मंत्र तंत्र लोक भाषाओं में पाये जाते हैं और उनकी साधन तथा प्रयोग विधि भी अपेक्षाकृत अधिक सरल होती हैं, साथ ही प्रभाव में भी प्राचीन शास्त्रीय मन्त्रों से स्पर्धा...

तिलोत्तमा अप्सरा साधना [[Tilottama Apsara Sadhna ]]

========================================= प्रकृति के ऊर्जा स्तर में त्रिदेवों और त्रिशक्तियों के बाद देवताओं की उपस्थिति मानी जाती है जिनके मनोरंजन और कार्य पूर्ती हेतु कुछ सहायिकाएं हैं |इन्हें अप्सरा अथवा पारी के नाम से जाना जाता है |इनका ऊर्जा स्तर देवताओं ,योगिनियों ,भैरवों आदि के बाद का होता है किन्तु पृथ्वी की सतह की उर्जाओं से यह श्रेष्ठ होती हैं |इसकी उपस्थिति स्वर्ग और पृथ्वी दोनों पर हो सकती है |अप्सराओं की संख्या तो अनेक है किन्तु उनमे कुछ मुख्य अप्सराएं हैं |ऐसी ही एक मुख्य अप्सरा तिलोत्तमा है |तिलोत्तमा अप्सरा की गिनती भी श्रेष्ठ अप्सराओं मे होती हैं। यह अप्सरा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनो ही रुप मे साधक की सहायता करती रहती हैं। यह साधना अनुभुत हैं। इस साधना को करने से सभी सुखो की प्राप्ति होती हैं। इस साधना को शुरु करते ही एक – दो दिन में धीमी धीमी खुशबू का प्रवाह होने लगता हैं।यह खुशबू तिलोत्तमा के सामने होने की पूर्व सुचना हैं। अप्सरा का प्रत्यक्षीकरण एक श्रमसाध्य कार्य हैं। मेहनत बहुत ही जरुरी हैं। एक बार अप्सरा के प्रत्यक्षीकरण के बाद कुछ भी दुर्लभ नहीं रह जाता, इसमे ...

शिव स्वरोदय पुस्तक PDF बिल्कुल फ्री

नमस्कार मित्रों इस पोस्ट में हम आप सभी को शिव स्वरोदय नामक पुस्तक उपलब्ध करवा रहे हैं। यह पुस्तक माता पार्वती और भगवान शिव के संवाद के रूप में आपको देखने को मिलेगी।इसके अंदर भगवान शिव ने माता पार्वती को स्वरोदय के बारे में बताया है उसके महत्व के बारे में भगवान ने बताया है। शिव स्वरोदय पुस्तक में आपको स्वर से संबंधित बहुत जानकारी देखने को मिलेगी स्वर से संबंधित सारी जानकारी हमने आपको एक अन्य पोस्ट में उपलब्ध करवा रखी।  Also Read शिव स्वरोदय क्या हैं। शिव स्वरोदय पुस्तक में आपको स्वर से संबंधित सभी प्रकार की चीजें, सभी प्रकार के रोगों का निदान और बहुत से तांत्रिक प्रयोग भी देखने को मिलेंगे बहुत से ऐसे प्रयोग देखने को मिलेंगे जिनको आप स्वरोदय के माध्यम से दूर कर सकते हैं। स्वरोदय पुस्तक बहुत ही बड़ा आधुनिक विज्ञान है जो कि आपको आज हम इस पोस्ट में उपलब्ध करवा रहे है। 🙏‍ देखिए इस तरीके के बहुत से ग्रंथ हैं जो कि आज के आधुनिक विज्ञान से भी बहुत ज्यादा आधुनिक है उन ग्रंथों में आपको ऐसे ऐसी जानकारी देखने को मिलेगी जो कि आज के वैज्ञ...